औरंगाबाद : ना'बालिग कि'शोरी का अ'पहरण कर शा'रीरिक संबंध बनाने वाले दोषी को कोर्ट ने 10 साल की सजा सुनायी है। इसके साथ-साथ 15 हजार रुपए का जु'र्माना भी ल'गाया गया है।

Types of court judgment and how to object and appeal - علی محسن زاده

दो'षी अभियुक्त भोला शाह मदनपुर थाना क्षेत्र के खिरियावां गांव का रहने वाला है। यह फैसला औरंगाबाद सिविल कोर्ट के एडीजे-6 सह स्पेशल पॉक्सो कोर्ट विवेक कुमार ने मदनपुर थाना कांड संख्या 169/18 में सुनाया है।

सरकार पक्ष से स्पेशल पीपी शिवलाल मेहता ने अपना पक्ष रखा। वहीं बचाव पक्ष से अपना पक्ष रखते हुए अधिवक्ता ने कम से कम सजा देने की बात कही। दोनों पक्षों के दलिले सुनने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया।

स्पेशल पीपी ने बताया कि आईपीसी की धारा 376 व 4 पॉक्सो एक्ट में दो'षी पाते हुए अभियुक्त को दस साल की सजा और दस हजार जु'र्माना लगाया है। जुर्माना न देने पर एक वर्ष अतिरिक्त कारावास होगी।

साथ में धारा 366 में 5 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा व पांच हजार जु'र्माना लगाया गया है। जुर्माना की राशि नहीं देने पर एक माह अतिरिक्त कारावास होगी।

अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि 9 अगस्त 2018 को नाबालिग किशोरी बेरी हाई स्कूल में रजिस्ट्रेशन कराने गई थी। जहां से रजिस्ट्रेशन कराकर वह वापस लौट रही थी। इसी दौरान दोषी अभियुक्त ने उसका अपहरण कर लिया था।

जिसके बाद ना'बालिग की मां ने मदनपुर थाना में एफआईआर द'र्ज करायी। एफआईआर द'र्ज करने के बाद मदनपुर पुलिस कार्रवाई करते हुए तीन दिन बाद पटना से अभियुक्त के साथ ना'बालिग लड़की को पुलिस ब'रामद किया था और फिर कोर्ट में बयान द'र्ज करवायी।

करीब साढ़े तीन साल मामले की सुनवायी चली। इसके बाद 28 फरवरी को अभियुक्त को दोषी करार दिया गया। फिर बुधवार को सजा सुनायी गई। सजा सुनते ही पीड़िता के परिजनों के चेहरा खिल उठा।

 

 

परिजनों ने बताया कि उन्हें कोर्ट पर पूरा भरोसा था। न्याय जरूर मिलेगा। देर से ही सही, लेकिन दोषी को सजा मिला। यह बड़ी बात है।