मुजफ्फरपुर। स्मार्ट सिटी की एक और महत्वाकांक्षी योजना पर ग्रहण लग गया है। सिकंदरपुर मन के सुंदरीकरण की योजना को लेकर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की आपत्ति आयी है।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक (जलवायु परिवर्तन संभाग) सुरेंद्र सिंह ने नगर विकास एवं आवास विभाग और डीएम को पत्र लिखकर विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देश के अनुपालन को लेकर विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।
इसमें कहा गया है कि सिकंदरपुर मन (ब्रह्मपुरा पूर्वी एवं पश्चिमी भाग) के जलकर में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से मिट्टी भराई, पक्का सडक निर्माण एवं जल का अतिक्रमण कर कार्य करने से प्राकृतिक जल संपदा के नष्ट होने का खतरा है।
इसे देखते हुए प्रोजेक्ट पर रोक लगाने संबंधी बिंदुओं पर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का आग्रह किया था। यह रिपोर्ट उपलब्ध नहीं हो सकी। इस बीच अब मुशहरी प्रखंड मत्स्यजीवी सहयोग समिति लिमेटेड ने भी भारत सरकार के आद्रभूमि संरक्षण वं प्रबंधन नियमन के प्रविधान के आधार पर प्रोजेक्ट की समीक्षा कर इस पर रोक लगाने का आग्रह किया है।
इसे देखते हुए प्रोजेक्ट पर रोक को लेकर तथ्यात्मक रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। इस पत्र के आलोक में नगर आयुक्त ने अपनी रिपोर्ट डीएम को भेजी है। इसमें कहा गया है कि स्मार्ट सिटी मिशन का उद्देश्य उन शहरों को बढ़ावा देना है जो मुख्य बुनियादी ढांचे, स्वच्छ और टिकाऊ वातावरण प्रदान करते हैं।
नागरिकों को अच्छी गुणवत्ता का जीवन प्रदान करते हैं। नगर आयुक्त की रिपोर्ट के बाद अब जिला सामान्य प्रशाखा ने अपर समाहर्ता से आगे की कार्रवाई का आग्रह किया है। मालूम हो कि मन क्षेत्र के सुंदरीकरण को लेकर 177 करोड़ की योजना पर काम शुरू हो चुका है।
ऐसे में विभाग की आपत्ति के बाद योजना के फंसने की आशंका हो गई है। इस संबंध में डीएफओ अभिषेक कुमार ने कहा कि विकास योजनाओं को प्रभावित नहीं किया जा रहा है। विकास कार्य के साथ पर्यावरण भी सुरक्षित व संरक्षित रहे तो बेहतर है।

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