हाजीपुर। बिहार की कानून व्यवस्था पर लगातार उंगली उठ रही है। आए दिन हो रही आ'पराधिक घटनाओं को लेकर विपक्ष ही नहीं बल्कि सत्ता पक्ष भी सवाल खड़े कर रहा है। इसको लेकर सीएम नीतीश कुमार ने सख्ती दिखाई है। गश्ती बढ़ाने, आ'पराधियों पर नकेल कसने की हिदायत दी है। इसका असर भी दिखने लगा है। अब बिहार पुलिस के सबसे बड़े अधिकारी यानी डीजीपी एसके सिंघल सड़कों पर निकल रहे हैं। वहां पुलिस की चौकसी का हाल जाना। डीजीपी एसके सिंघल देर रात नगर थाना हाजीपुर अचानक औचक निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान पुलिस पदाधिकारियों में ह'ड़कंप मच गया।
डीजीपी ने एसपी मनीष एसडीपीओ राघव दयाल नगर थाना अध्यक्ष सुबोध सिंह को कई दिशा निर्देश दिया। डीजीपी ने महिला संतरी से पूछताछ की। थाने में जप्त गाड़ी की जानकारी ली। डीजीपी ने कहा कि थाने में साफ-सफाई पुलिस की व्यवस्था मैन पावर, गाड़ी की व्यवस्था, रिकॉर्ड मेंटेन समेत कई चीजें देखी गई है।
उन्होंने कहा कि 2021 में ह'त्या, बैंक लूट, एससी एसटी मामलों में कमी आई है। वहीं चो'री और लू'ट की घटना में बढ़ोतरी हुई है। डीजीपी ने कहा कि 2022 के शुरुआत के दो महीने में ह'त्या, लू'ट, ड'कैती की घ'टना में कमी हुई है। डीजीपी ने कहा कि नगर थाने में आगे महिला पुलिस बल एवं पदाधिकारी एवं मैनपावर बढ़ेगा इसके लिए भवन का निर्माण कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि किस तरह से हम अच्छी से अच्छी पुलिसिंग कर सके पुलिस और पब्लिक के बीच समन्वय स्थापित कर सके। किस तरह से पब्लिक के सहयोग से क्राइम कंट्रोल कर सके उनकी समस्याओं का निपटारा कर सके इन सभी बातों पर पुलिस पदाधिकारियों के साथ चर्चा की गई।
डीजीपी ने कहा कि हमारी कोशिश है कि थाना अच्छी से अच्छी लोगों की सेवा कर सके। डीजीपी ने पुराने लंबित मामले में गि'रफ्तारी कुर्की जब्ती कर मामले को निपटाने का निर्देश दिया। मौके पर एसपी मनीष एसडीपीओ राघव दयाल नगर थाना अध्यक्ष सुबोध सिंह समेत कई पुलिस पदाधिकारी मौजूद थे।


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