मुजफ्फरपुर। पश्चिम बंगाल के एक किशोर को दस साल की का'रावास की सजा सुनाई है। बताया जाता है कि गांजा तस्करी के दो'षी पश्चिम बंगाल के विधि विवादित किशोर को 10 साल का'रावास की सजा सुनाई गई है। उसे एक लाख रुपये जु'र्माना भी देना होगा। जु'र्माना नहीं देने पर तीन माह साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी।
वह गांजा तस्करी कर ले जाने वाले ट्रक का खलासी था। सत्र विचारण के बाद एडीजे-प्रथम व बाल न्यायालय के विशेष न्यायाधीश पुनीत कुमार गर्ग ने यह सजा सुनाई। निर्भया कां'ड के बाद किशोर न्याय अधिनियम (जेजे एक्ट) में संशोधन के बाद विशेष बाल न्यायालय से पहली बार सजा सुनाई गई है। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक मिथिलेश कुमार वर्मा ने कोर्ट के समक्ष साक्ष्य पेश किया। घटना 11 अप्रैल, 2016 की है।
डीआरआइ (राजस्व एवं आसूचना निदेशालय) अफसर विनोद कुमार मंडल ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। कहा था कि विभाग को विशेष सूचना मिली कि गुवाहाटी से पंजाब के लिए ट्रक से गांजा की बड़ी खेप मुजफ्फरपुर होकर भेजी जा रही है।
डीआरआइ टीम ने चांदनी चौक के निकट घेराबंदी कर ट्रक पकड़ा था। उसपर कोयला लदा था। ट्रक की केबिन की तलाशी लेने पर 27 पैकेटों में कुल चार क्विंटल 39 किलो गांजा बरामद हुआ था। ट्रक चालक त्रिपुरा के तेलियामोरा जिले के कल्याणपुर थाना के गिला तुली बाजार निवासी मलिन देव व खलासी को गि'रफ्तार कर लिया गया। चालक ने बताया कि गांजा की डिलीवरी चकिया में देनी थी और कोयला लेकर पंजाब जाना था।


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