मुजफ्फरपुर शहर के ब्रह्मपुरा पमरिया टोला की पांच वर्षिय खुशी अहपरण कांड में SSP जयंतकांत ने SIT का गठन किया है। गठित टीम को फिर से सभी बिंदुओं पर बारीकी से जांच कर खुशी का पता लगाने का निर्देश दिया गया है। वहीं केस के IO को भी बदल दिया गया है। अब ब्रह्मपुरा थानेदार सह इंस्पेक्टर अनिल गुप्ता इसकी जांच करेंगे।

बता दें कि हाईकोर्ट के आदेश पर ऐसा किया गया है। उच्च न्यायालय ने गत दिनों कड़ी आपत्ति जताई थी। SSP और टाउन DSP को हाई कोर्ट में उपस्थित होना पड़ा था। कोर्ट ने इस केस को गम्भीरता से लेने को कहा था। इसके बाद SIT का गठन किया गया है। इसमें प्रशिक्षु DSP सियाराम यादव के अलावा DIU के प्रभारी को रखा गया है।

16 फरवरी 2021 को हुई थी लापता
बता दें कि, बीते साल 16 फरवरी को पमरिया टोला की खुशी कुमारी मोहल्ले से लापता हो गयी थी। वह दाउदपुर कोठी स्थित गिरजाघर के पास CCTV कैमरे में देखी भी गई थी।

इसे लेकर उसके पिता ने ब्रह्मपुरा थाने में FIR दर्ज करायी थी। लेकिन, पुलिस अबतक मामले में किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। जांच में कई स्तर पर लापरवाही भी सामने आयी है। इसे लेकर बीते दिन हाईकोर्ट ने भी पुलिस को फटकार लगायी है। एक साल स्व अधिक होने के बावजूद खुशी का सुराग अबतक नहीं मिला।

पुलिस ने जांच में बरती लापरवाही
खुशी के पिता राजन साह सब्जी विक्रेता हैं। उन्होंने कहा कि आजतक पुलिस ने इस केस को गम्भीरता से नहीं लिया। आगर शुरुआती दिनों में ब्रह्मपुरा थानेदार ने रुचि दिखाई होती तो खुशी आज मिल गयी होती।

उनलोगों में सभी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के दफ्तर के दरवाजे खटखटाये। मुख्यमंत्री के जनता दरबार तक पहुंचे। पर पुलिस की नींद नहीं खुली। अब जन हाई कोर्ट ने फटकार लगाई। तब जाकर पुलिस सक्रिय हुई है।

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