देशभर में पैदा होने वाले प्लास्टिक कचरे में भी एकल उपयोग प्लास्टिक का बड़ा हिस्सा होता है। इसलिए इस पर लगने वाली रोक से प्लास्टिक कचरे की मात्रा में भी बड़ा फर्क पड़ने वाला है। राजधानी दिल्ली में एकल उपयोग प्लास्टिक पर पाबंदी के लिए अलग-अलग स्तरों पर तैयारियां की गई हैं। पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने इस संबंध में अधिकारियों और स्टार्टअप कंपनियों के साथ अलग-अलग बैठकें की हैं।

स्थानीय निकाय अभियान चलाएंगे
एकल उपयोग प्लास्टिक पर लगने वाली पाबंदी के बारे में दिल्ली के स्थानीय निकायों को जानकारी दी गई है। इन सभी से प्लास्टिक कचरे के लिए केंद्र द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार कार्रवाई करने को कहा गया है। ताकि, एकल उपयोग प्लास्टिक के उपयोग को सभी स्तरों पर रोका जा सके।

उत्पादन पर कड़ी निगरानी
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति की ओर से एकल उपयोग प्लास्टिक की वस्तुओं के उत्पादन, वितरण और स्टोरेज पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इसके लिए पंजीकृत इकाइयों का सर्वेक्षण किया जा रहा है। जबकि, गैरपंजीकृत इकाइयों को पहले ही बंद करने की बात कही जा चुकी है।
विकल्पों पर लगेगा तीन दिन का मेला
एकल उपयोग प्लास्टिक के विकल्पों को लेकर भी दिल्ली सरकार सक्रियता दिखा रही है। इस क्रम में त्यागराज स्टेडियम में शुक्रवार से तीन दिवसीय मेले का आयोजन किया जाएगा। इसमें तमाम कंपनियां उन विकल्पों का प्रदर्शन करेंगी जिन्हें एकल उपयोग प्लास्टिक की चीजों की जगह पर इस्तेमाल किया जा सकता है।
किस पर है रोक
एकल उपयोग प्लास्टिक की वस्तुओं की मैनुफैक्चरिंग, स्टाकिंग, वितरण, बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगी
क्या है सजा
इसका उल्लंघन करने वालों को पांच साल की सजा या एक लाख रुपये का जुर्माना या दोनों हो सकता है। लगातार उल्लंघन करने वाले पर पांच हजार प्रतिदिन के हिसाब से भी जुर्माना लग सकता है।

इन पर पाबंदी
प्लास्टिक स्टिक के ईयरबड, प्लास्टिक स्टिक वाले गुब्बारे, प्लास्टिक के झंडे, प्लास्टिक की आइसक्रीम स्टिक, सजावट में इस्तेमाल होने वाले थर्माकोल, कैंडी स्टिक, प्लास्टिक प्लेट, ट्रे, गिलास, प्लास्टिक कटलेरी (कांटा, चम्मच और चाकू), प्लास्टिक स्ट्रॉ और स्टरर, मिठाई के डिब्बे के ऊपर लगने वाली पैकेजिंग, इंवीटेशन कार्ड और सिगरेट पैकेट, 100 माइक्रोन से कम वाले प्लास्टिक या पीवीसी के बैनर।
अब तक ये हो चुका
- दिल्ली में लगभग दो महीने पहले ही इस पाबंदी के बारे में सार्वजनिक सूचना निकाली जा चुकी है
- सभी स्थानीय निकायों को अभियान के बारे में जानकारी दी जा चुकी है
- लोगों के बीच जागरुकता के लिए अलग-अलग कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं
- पर्यावरण मंत्री की ओर से विकल्पों को लेकर स्टार्टअप कंपनियों के साथ बैठक की गई
- प्लास्टिक चीजों का उत्पादन करने वाले उद्यमों में डीपीसीसी की ओर से सर्वेक्षण किया गया
No comments:
Post a Comment