पटना जू में 4 नन्हें मेहमान आए हैं। 29 जुलाई को इंटरनेशनल टाइगर डे पर इनका नामकरण किया जाएगा। जू से आई तस्वीरों में 4 शावक अपनी मां बाघिन संगीता के साथ मस्ती करते दिख रहे हैं। पटना चिड़ियाघर में शावकों के माता-पिता नकुल और संगीता को वर्ष 2019 में तमिलनाडु के अरिगनर अन्ना जूलॉजिकल पार्क वांडलुर से पशु विनिमय कार्यक्रम के तहत पटना चिड़ियाघर लाया गया था।
ये चारों शावक स्वस्थ हैं और जमकर खेलकूद कर रहे हैं। इन चार शावकों में दो का रंग सफेद है और दो का रंग सामान्य बाघ की तरह है। इन चारों शावकों की मां संगीता बाघिन हर पल उनका ख्याल रख रही है। जू प्रशासन की ओर से भी इन शावकों पर 24 घंटे सीसीटीवी कैमरे से निगरानी रखी जा रही है। इन शावकों का पिता नकुल बाघ है।
पटना में इन चार शावकों के जन्म के बाद बाघों की कुल संख्या नौ हो गयी है। इनके जन्म से पहले जू में पांच बाघ-बाघिन थे। बाघों की संख्या बढ़ने से पटना जू को जानवरों के एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत अन्य जू से मनपसंद जानवर मिल सकते हैं। पटना जू में इससे पहले भी बाघ शावकों का जन्म हो चुका है।
2012 में स्वर्णा नाम की बाघिन ने तीन शावकों को जन्म दिया था। हालांकि, इन तीनों शावकों की मृत्यु हो गयी थी। दूसरी बार 2017 में भी चार शावकों का जन्म हुआ था। इनमें से भी तीन शावकों की मृत्यु हो गयी थी। दो महीने पहले जन्मे इन चार शावकों का सुरक्षित और स्वस्थ रहना जू के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।


No comments:
Post a Comment