जमुई जिले के बरहट प्रखंड के भट्टा गांव में पानी की परेशानी को लेकर पीएचईडी के अधिकारी के द्वारा हैंडपंप के लिए बोरिंग का काम शुरू किया गया। लगभग 50 फीट के बाद काला पत्थर और कोयले जैसी चीज बड़ी मात्रा में निकलना शुरू हो गया।
गांव वालों का कहना है कि इस गांव में जब भी बोरिंग किया गया है, तो इसी तरह से कोयला का अंश निकलता है। गांव के लोग इसकी जांच की मांग करने लगे हैं।
भट्टा गांव के सहदेव कोड़ा ने बताया कि गांव में जब भी चापाकल के लिए बोरिंग हुआ, तब यही देखने को मिला है। 40 से 50 फीट की गहराई से कोयला मिलना शुरू हो जाता है। उन्होंने बताया कि पूरा भरोसा है कि जमीन के अंदर कोयला है। यही बात भट्टा के पड़ोसी ललमटिया गांव के प्रमोद चौधरी ने भी कही।
ग्रामीणों का कहना है कि बोरिंग के दौरान निकले मलबे में कोयले का अंश है। ग्रामीणो ने जब इसे जलाने का प्रयास किया तो वह ठीक कोयले की तरह जलता है। बोरिंग से कोयला निकलने की बात गांव में आग की तरह फैल गई। गांव की महिलाएं चूल्हे में जलावन के रूप में उपयोग करने के लिए बोरिंग से निकले कोयले के अंश का छोटा-छोटा टुकड़ा बनाने लगी। बोरिंग से निकले कोयले के अंश को जलाने के बाद वह बिल्कुल हूबहू कोयले जैसा जल रहा था।
बता दें कि जमुई जिले के सोना प्रखंड के करमटिया में सोने की खान पाई गई। वहीं सिकंदरा के मंजोश में लोह अयस्क मिलने की बात कही जा रही है। इधर बरहट प्रखंड के भट्टा गांव में बोरिंग के दौरान कोयला मिलने से प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। वहीं कोयला निकलने से ग्रामीणों में खुशी देखी जा रही है। इस मामले की जानकारी मिलने पर जमुई जिलाधिकारी अवनीश कुमार सिंह ने कहा कि जिला खनिज संपदा की दृष्टि से समृद्ध है। जिले में विभिन्न स्थलों पर खनिज पदार्थ प्राप्त होते रहे हैं। कोयला निकलने की बात की जांच कर खान एवं भूतत्व विभाग को सूचित कराया जाएगा।

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