मुजफ्फरपुर : कोर्ट के आदेश व आरक्षण के पेच में फंसे नगर निकाय चुनाव की तिथि घोषित होते ही शहर के राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गयी है। मौसम की तरह ठंडा पड़े चुनावी प्रचार-प्रसार अचानक से रफ्तार पकड़ने लगा है।
मेयर, उप मेयर पद के अलावा पार्षद के लिए जो लोग अपनी उम्मीदवारी पेश करते हुए नामांकन पत्र दाखिल कर चुके हैं, उनकी सक्रियता सोशल मीडिया पर रात से ही दिखने लगी।
प्रचार-प्रसार का दौर भी तेज हो गया है। कारण है कि चुनाव आयोग ने पहले से आवंटित चुनाव चिन्ह में कोई बदलाव नहीं किया है। इसलिए, उम्मीदवारों के सोशल मीडिया पेज पर चुनाव चिन्ह के साथ उनकी तस्वीर वायरल होने लगी है।
हालांकि, जिस तरीके से हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद चुनाव की तिथि टलती चली गयी। इस कारण चर्चाओं का बाजार अभी भी गर्म है। तिथि घोषित होने के बाद भी चुनाव को लेकर कई तरह के कयास लगाये जा रहे है।
बता दें कि मुजफ्फरपुर नगर निगम के मेयर के साथ उप मेयर पद को अति पिछड़ा के लिए आरक्षित कर दिये जाने के कारण वार्ड नंबर-20 के पूर्व पार्षद संजय केजरीवाल ने हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर आयोग के फैसला को चैलेंज किया था।
इनके अलावा बिहार के अन्य नगर निकाय से भी हाईकोर्ट में याचिका दायर किया गया था। कोर्ट ने जब इस सभी याचिकाओं पर सुनवाई की, तब से अब तक मामला फंस गया था।



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