मुजफ्फरपुर. पुरी के भगवान जगन्नाथ के मंदिर के तरह ही मुजफ्फरपुर में भी भगवान जगन्नाथ का मंदिर है. जो लोग किन्हीं कारणों से उड़ीसा के पुरी जाकर भगवान जगन्नाथ का दर्शन नहीं कर पा रहे हैं, उनके लिए यह मंदिर विशेष है. मंदिर देखने में भी ठीक उड़ीसा के जगन्नाथ मंदिर की तरह ही है. 86 फीट ऊंचाई का यह जगन्नाथ मंदिर मुजफ्फरपुर के सकरा प्रखंड अंतर्गत डिहुली गांव में है. मंदिर की सरंचना को उड़ीसा के ही जगन्नाथ मंदिर के तर्ज पर बनाया गया है. त्राहि अच्युत नाम के आश्रम द्वारा संचालित इस मंदिर का मुख्य आश्रम उड़ीसा के भुनेश्वर के पास है, त्राहि अच्युत ने ही इस आश्रम का निर्माण मुजफ्फरपुर में कराया है.
9 साल में पूरी हुआ मंदिर
मुजफ्फरपुर के जगन्नाथ मंदिर से जुड़े लाल बाबू प्रसाद ने बताया कि इस मंदिर का निर्माण 2009 से शुरू हुआ था, जो 2018 में जाकर पूरा हुआ. 18 जून 2018 को इस मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हुई. लाल बाबू प्रसाद बताते हैं कि यह बिहार का एक मात्र जगन्नाथ मंदिर है, जो जगन्नाथ पुरी के जगन्नाथ मंदिर की तर्ज पर बना है. साथ ही लाल बाबू आगे कहते हैं कि इस मंदिर को बनाने के लिए सभी कारीगर उड़ीसा से आए थे. उन्हीं लोगों ने इस भव्य मंदिर का निर्माण किया. इस मंदिर में भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा विराजमान है. लाल बाबू बताते हैं कि इस मंदिर का प्रमुख आश्रम खोरदा डिस्ट्रिक्ट में है.

भगवान कृष्ण के जीवन की लीलाओं को चित्रण
वे बताते हैं कि इस मंदिर में भगवान कृष्ण के जीवन की विभिन्न लीलाओं को दिखाया गया है. साथ ही इस मंदिर में भगवान कृष्ण के पूरा परिवार जैसे उनके भाई बालभद्र, बहन सुभद्रा और भगवान स्वयं जगन्नाथ के रूप में और उनकी मां सुदर्शन के रूप में विराजमान हैं. मुजफ्फरपुर के भी इस जगन्नाथ मंदिर की भव्यता और सुंदरता देखते बनती है.
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