पन्नालाल सेठ हीरे के बहुत बड़े व्यापारी थे। प्रभु की कृपा से धन भी था, पुण्य भी, और यश भी। प्रतिदिन अपने द्वार पर वे कम से कम 50 भिक्षुकों को भीख दे कर भेजते थे। एक दिन सुबह पन्नालाल सेठ के मन में विचार आया, कि आज मैं अपने द्वार पर आने वाले हर […]
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