पति की लंबी उम्र के लिए रखा जाने वाला महिलाओं के प्राण से भी ज्यादा महत्वपूर्ण व्रत करवा चौथ इस साल 1 नवंबर को है. सुखमय दांपत्य जीवन के लिए यह पर्व बेहद जरुरी माना जाता है. महिलाएं पति की लम्बी उम्र के लिए दिन भर उपवास रखती हैं और पति का चेहरा और चांद देखकर रात को व्रत तोड़ती है. यह त्यौहार पति-पत्नी के प्रेम को समर्पित है. दिनभर व्रत के बाद महिलाएं रात को चांद का दीदार करने के बाद अपने चांद (पति) के हाथों व्रत तोड़ती है. ऐसे में चांद कब निकलेगा इसको लेकर चिंता करने की कोई बात नहीं है. मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक आशीष कुमार के अनुसार चांद का दीदार एक नवंबर को जब होगा, उस समय मौसम बिल्कुल साफ रहने का पूर्वानुमान है.
इतने बजे निकलेगा चांद
करवा चौथ यानी 01 नवंबर को रात लगभग 8 बजे तक चांद निकल जाएगा. इसकी शुरूआत 7:51 बजे से ही हो जाएगी. इस दिन ग्रह-गोचरों का उत्तम संयोग बन रहा है. इस दिन चतुर्थी माता और गणेश जी की पूजा होती है. जो सुहागिन महिलाएं करवाचौथ का व्रत रखती हैं, उन्हें अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है. उनका गृहस्थ जीवन सुखमय व्यतीत होता है. सुहागिन महिलाएं यह व्रत रखकर अपने पति के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु होने के साथ ही जन्म-जन्मांतर तक पुनः पति के रूप में प्राप्त करने के लिए मंगल कामना करती हैं.

थाल में जरूर रखें यह सामान
करवा चौथ की पूजा में सजाई जाने वाली पूजा की थाल काफी महत्वपूर्ण होती है. इसमें पूजा को लेकर कई प्रमुख सामग्रियां रखी जाती है. उन्होंने कहा कि महिलाएं इन सामग्रियों की खरीदारी करती हैं और उसे पूजा की थाल में सजाती हैं.सुहागिन महिलाएं यह व्रत रखकर अपने पति के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु होने के साथ ही जन्म-जन्मांतर तक पुनः पति के रूप में प्राप्त करने के लिए मंगल कामना करती हैं. ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि पूजा की थाल में फूल, चावल, मिठाई, घी, रोली, कुमकुम का होना अत्यंत आवश्यक है. चंद्रदेव के दर्शन के बाद सबसे पहले चांद की पूजा करें. उनको रो, कुमकुम, अक्षत चढ़ाएं. फिर उनकी आरती उतारें और लास्ट में मिठाई का भोग लगाकर पति की पूजा करें.
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