| Newsdesk Dec 31 | जबलपुर के शहपुरा स्थित तीन प्लांट में टैंकरों के पहिये हड़ताल के चलते थमे हुए हैं। अपनी मांगों को लेकर हजारों टैंकर और ड्राइवर तीनों प्लांट के सामने खड़े हुए हैं। दरअसल केंद्र सरकार ने नए साल से हिट एंड रन के मामलों में सजा और जुर्माना बढ़ाने का नया कानून लागू कर दिया है। जिसके विरोध में ट्रक चालकों के साथ-साथ टैंकर चालक भी हड़ताल पर जा चुके हैं। बता दें कि नए कानून के तहत सड़क दुर्घटना होने पर भारी वाहन के चालक यदि दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें 10 साल की सजा और 7 लाख रुपए जुर्माने का प्रावधान रखा गया है। नए कानून के विरोध में ट्रक और टैंकर चालकों के संगठन ने इस हड़ताल का ऐलान किया था। जिसके चलते शनिवार से ही शहपुरा में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के डिपो के बाहर सैकड़ों की तादाद में चालक और कंडक्टर अपने वाहन खड़े कर हड़ताल पर चले गए हैं। चालकों का कहना था कि कोई भी जानबूझकर एक्सीडेंट नहीं करता तो फिर लापरवाही पर इतनी कठोर सजा का प्रावधान रखना ज्यादती है। ट्रक चालक पुराने कानून को ही चलन में रखने की मांग कर रहे हैं। बता दें कि यदि यह हड़ताल ज्यादा दिन तक जारी रहती है तो इसका असर आसपास के जिलों में पेट्रोल पंपों पर दिखाई देने लगेगा। फ्यूल का परिवहन ठप हो जाने से पंपों पर पेट्रोल-डीजल की किल्लत होना शुरु हो जाएगी। हालांकि इस हड़ताल में ट्रक चालकों ने भी 1 जनवरी से शामिल होने की बात कही है। यदि ऐसा हुआ तो भी माल ढुलाई के साथ-साथ पूरी परिवहन व्यवस्था ठप होने का अंदेशा बढ़ गया है। बाइट प्रफुल्ल श्रीवास्तव डीएसपी ग्रामीण बाइट रामकला चतुर्वेदी ट्रक चालक बाइट अधिकारी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन जबलपुर से वाजिद खान की रिपोर्ट | | | |
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