बिहार में आज से इंटरमीडिएट परीक्षा की शुरुआत हो गई है। लेकिन कई जगह परीक्षा केंद्रों पर कर्मचारी मनमानी करते नजर आए। इसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ा। एक ऐसी ही तस्वीर मिलर हाई स्कूल से निकलकर सामने आई। यहां परीक्षा केंद्र पर 5 मिनट लेट पहुंचने के वजह से एक छात्र को अंदर नहीं घुसने गया। छात्र करीब 15 मिनट कर गुहार लगाता रहा लेकिन स्कूल स्टाफ ने उसे अंदर घुसने नहीं दिया।

सेंटर के बाहर मौजूद लोगों ने स्कूल के स्टाफ को काफी समझाया लेकिन उसने किसी की एक न सुनी और छात्र को बाहर कर दिया। इसके बाद छात्र मायूस होकर गेट के पास खड़ा हो गया। उसका कहना है कि परीक्षा के बाद उसने काफी मेहनत की थी। लेकिन उसकी सारी तैयारी फेल हो गई। जाम में फंसने के कारण वह 5 मिनट लेट हो गया। स्कूल के कर्मिचारियों से काफी गुहार लगाई लेकिन किसी ने उसकी एक न सुनी।

छात्र ने कहा- आज के बाद कभी लेट नहीं होगा

छात्र बार-बार एक ही बात कह रहा था कि हम बहुत दूर से आ रहे हैं, गलती हो गई। आज के बाद कभी लेट नहीं होगा। आज भर आने दीजिए। छात्र बहुत गिरगिराने लगा कि उसे अंदर जाने दिया जाए। बता दें कि एक तरफ कोरोना काल में बच्चो को पढ़ाई ठीक से नही हो पाई थी। बच्चे ऑनलाइन माध्यम से ही पढ़ाई कर रहे थे। बच्चों ने बताया भी की उनकी सिलेबस भी पूरी नही हो पाई है। इसके बावजूद बच्चे अपनी आधी-अधूरी तैयारी के साथ एग्जाम देने पहुंचे। लेकिन कई जगह स्कूल स्टाफ की बेरूखी ने उनका हौसला तोड़ दिया।