जबलपुर। रेलवे का लोहा चोरी कांड समय जबरदस्त चर्चाओं का विषय बना हुआ है ठेकेदार के अलावा इस कांड में बड़े अधिकारियों के भी नाम शामिल हैं।
रेल्वे ईजीनियर विभाग साउथ ऑफिस का एक वरिष्ठ अधिकारी जे पी मीना की भूमिका इस रेल्वे लोहा चोरी कांड सबसे बड़ी है l रेल्वे का लोहा चोरी करवा कर, अपने ठेकादर सोमू श्रीवास्तव के माध्यम से बाजार मे बिकवाकर और रेल्वे का एक्स्ट्रा स्क्रैप मे पड़ा लोहे को उक्त चोरी के स्थान मे डलवाकर और अपना शासकीय स्टॉक मे पूरा दर्शा कर न केवल उसने अपने उच्च अधिकारी के साथ छल किया है बल्की उसने अपने जमीर को भी भरे बाजार मे बेच दिया है lअब उस अधिकारी जे पी मीना को बचाने जगह जगह से फोन आर.पी.एफ के वरिष्ठ अधिकारी को आ रहे है सूत्र बताते है की जैसे ही मीना को पता लगा की उसके ही अधिनस्त एक कर्मचारी ने लोहा चोरी की शिकायत आर पी एफ ने मेमो के साथ दे दी है तब जे पी मीना ने अपने उच्च अधिकारी को उस कर्मचारी के विषय मे विभागीय कार्यवाही करवाने को बोल दिया l
लोहा चोर सोमू श्रीवास्तव की फर्म का अभी तक निलंबन न होना, डिपोजिट एफ.डी सीज न होना एवं उसके जो वाहन रेल्वे के वरिष्ठ अधिकारीयो के पास अटैच है उसे अलग न किया जाना यह बात कुछ न-गवार-गुजर रही है l
*रेल्वे की विजलेंस आखिर क्यों है शांत*
सूत्र बताते है की रेल्वे की विजलेंस की टीम काफी एक्टिव है लेकिन इस लोहा चोरी कांड मे उनकी भूमिका भी संदिग्ध है l सोमू श्रीवास्तव ने खुद पेश होने के पहले यह तक चर्चा की है की रेल्वे की तीनो जाॅच एजेंसियों तक उसने लिफाफे पहुँचा दिये है
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