जबलपुर में इन दिनों बंदर और डॉग की दोस्ती के किस्से इस कदर मशहूर हो गए है कि इन्हें जो भी देखता बस यही कहता कि...वाह क्या दोस्ती है। जबलपुर के शास्त्री नगर में बीते कुछ दिनों से एक बंदर डॉग के साथ घूमते हुए नजर आ रहा है। दोनों की दोस्ती ऐसी है कि जो भी देखता बस देखता ही रह जाता है। बंदर कभी डॉग की पीठ पर बैठ जाता तो कभी उसकी पूंछ पकड़कर साथ में घूमता। इनकी दोस्ती की चर्चा अब धीरे-धीरे पूरे शहर में हो रहीं है।
शास्त्री नगर में रहने वाले लोगों ने तो इनका नाम तक रख डाला, बंदर को लोग मल्लू बोलते है तो डॉग को रानी नाम से पुकारते है। दिन भर ये दोनों साथ में घूमते है, रात होते ही बंदर पेड़ पर चला जाता है जबकि डॉग पेड़ के नीचे ही बैठ जाती है। बंदर और मादा डॉग की दोस्ती देखकर अब लोग खाने पीने की व्यवस्था उनके लिए करने लगे है। स्थानीय निवासी बताते है कि दोनों की देखकर ना सिर्फ मनोरंजन होता है बल्कि ये मूक जानवर हमें बताते है कि दुनिया में सब कुछ दोस्ती ही होतीं है।
स्थानीय निवासी बताते है कि कुछ दिनों तक मादा डॉग अकेली ही गलियों में घूमती थी, पर अब देखने को मिलता है कि ये मल्लू और रानी दोनों दिन भर साथ में घूमते है। अक्सर मल्लू रानी की पीठ पर बैठकर उसकी सवारी करता है। दोनों साथ में खाते-पीते है और दिन भर साथ में घूमते है। रात होते ही बंदर पेड़ पर चले जाता है जबकि डॉग सड़क किनारे सो जाती है। दोनों को साथ में घूमते देख लोग अब इनकी तस्वीरें अपने मोबाइल में कैद कर रहें है।
स्थानीय लोग बताते है कि कुछ दिनों तक डॉग अकेले ही यहां-वहां घूमा करती थी, पर कुछ दिनों से अब रोजाना दोनों साथ में घूमते है। जीतू पटेल बताते है कि बहुत अच्छा लगता है जब इस दुनिया में इंसान-इंसान का जहां दुश्मन बनाता जा रहा है, वहां जानवर में इस तरह का दोस्ताना देखा जा रहा है। धन्य है ऐसी दोस्ती...
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